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राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का बदला नाम, अब कहलाएगा मध्य भारत प्रौद्योगिकी
भोपाल। प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) का नाम अब बदल दिया गया है। राज्य सरकार ने विश्वविद्यालय को तीन हिस्सों में विभाजित करने के साथ ही इसके नाम में भी बदलाव किया है। अब राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय को मध्य भारत प्रौद्योगिकी और कौशल विश्वविद्यालय के नाम से जाना जाएगा।
दरअसल, तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने और प्रदेशभर के कॉलेजों में संचालित तकनीकी पाठ्यक्रमों के बेहतर संचालन के उद्देश्य से वर्ष 1998 में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी। इसके बाद प्रदेश के तकनीकी शिक्षा से जुड़े विभिन्न कॉलेजों को विश्वविद्यालय से संबद्ध किया गया।
विश्वविद्यालय के अंतर्गत इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, आर्किटेक्चर, कंप्यूटर एप्लीकेशन सहित तकनीकी शिक्षा से जुड़े विभिन्न डिप्लोमा, स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित होते रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों से संबंधित शैक्षणिक प्रक्रिया, परीक्षाओं के आयोजन और परीक्षा परिणाम जारी करने की जिम्मेदारी भी विश्वविद्यालय के पास रही है।
अब राज्य सरकार के निर्णय के बाद विश्वविद्यालय का स्वरूप बदल गया है। विश्वविद्यालय को तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है और इसी क्रम में इसके नाम से पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम हटा दिया गया है। नए नाम के रूप में मध्य भारत प्रौद्योगिकी और कौशल विश्वविद्यालय अस्तित्व में आया है।
दरअसल, तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने और प्रदेशभर के कॉलेजों में संचालित तकनीकी पाठ्यक्रमों के बेहतर संचालन के उद्देश्य से वर्ष 1998 में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी। इसके बाद प्रदेश के तकनीकी शिक्षा से जुड़े विभिन्न कॉलेजों को विश्वविद्यालय से संबद्ध किया गया।
विश्वविद्यालय के अंतर्गत इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, आर्किटेक्चर, कंप्यूटर एप्लीकेशन सहित तकनीकी शिक्षा से जुड़े विभिन्न डिप्लोमा, स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम संचालित होते रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों से संबंधित शैक्षणिक प्रक्रिया, परीक्षाओं के आयोजन और परीक्षा परिणाम जारी करने की जिम्मेदारी भी विश्वविद्यालय के पास रही है।
अब राज्य सरकार के निर्णय के बाद विश्वविद्यालय का स्वरूप बदल गया है। विश्वविद्यालय को तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है और इसी क्रम में इसके नाम से पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम हटा दिया गया है। नए नाम के रूप में मध्य भारत प्रौद्योगिकी और कौशल विश्वविद्यालय अस्तित्व में आया है।
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