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रायसेन जिला जेल में सनसनीखेज वारदात, 302 के आरोपी ने जेल प्रहरी को मारी दो गोलियां
भोपाल/रायसेन। रायसेन जिला जेल में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब हत्या के मामले में जेल में बंद आरोपी नीलेश ठाकुर ने जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर पर कथित रूप से कट्टे से दो फायर कर दिए। गोली लगने से जेल प्रहरी गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद जेल में मौजूद अन्य कर्मचारियों ने तत्काल घायल प्रहरी को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए भोपाल एम्स रेफर कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, आरोपी नीलेश ठाकुर बरेली तहसील के ग्राम दिमाड़ा का निवासी है। वह पूर्व में धारा 307 के मामले में आरोपी था, जिसके बाद उस पर धारा 302 के तहत मामला दर्ज हुआ और वह रायसेन जिला जेल में निरुद्ध था।
बताया जा रहा है कि बुधवार को जिला जेल में स्कूली बच्चों का कार्यक्रम प्रस्तावित था, जिसे लेकर जेल परिसर में तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान आरोपी को फलों की टोकरी लेने के लिए गेट के पास भेजा गया था। आरोप है कि आरोपी ने जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर से गेट खोलकर उसे बाहर जाने देने की बात कही। प्रहरी द्वारा मना किए जाने पर दोनों के बीच विवाद हो गया। इसी दौरान आरोपी ने कथित रूप से कट्टे से दो गोलियां चला दीं। एक गोली कंधे के पास और दूसरी पीठ में लगी।
घटना के बाद जेल में मौजूद अन्य पुलिस एवं जेल कर्मचारियों ने घायल प्रहरी को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। उपचार करने वाली डॉक्टर महक सहयाद्रि ने बताया कि जेल प्रहरी को गोली लगी है। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे भोपाल एम्स रेफर किया गया है।
वहीं जिला अस्पताल के सर्जन डॉक्टर अभिषेक सागर ने बताया कि गोली फेफड़े के निचले हिस्से तक पहुंच गई है और फेफड़े में धीरे-धीरे पानी भरने की स्थिति बन रही है। इसी को देखते हुए घायल को तत्काल बेहतर उपचार के लिए भोपाल एम्स रेफर किया गया।
जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने रायसेन जिला जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि धारा 302 जैसे गंभीर मामले में निरुद्ध आरोपी नीलेश ठाकुर के पास कट्टा आखिर पहुंचा कैसे? जेल परिसर में हथियार पहुंचने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
मामले को लेकर पुलिस एसडीओपी प्रतिभा शर्मा ने कहा कि जेल में गोली चलने का मामला संज्ञान में आया है। पूरे घटनाक्रम की जांच की जाएगी और यह भी पता लगाया जाएगा कि आरोपी के पास कट्टा कहां से आया।
जानकारी के अनुसार, आरोपी नीलेश ठाकुर बरेली तहसील के ग्राम दिमाड़ा का निवासी है। वह पूर्व में धारा 307 के मामले में आरोपी था, जिसके बाद उस पर धारा 302 के तहत मामला दर्ज हुआ और वह रायसेन जिला जेल में निरुद्ध था।
बताया जा रहा है कि बुधवार को जिला जेल में स्कूली बच्चों का कार्यक्रम प्रस्तावित था, जिसे लेकर जेल परिसर में तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान आरोपी को फलों की टोकरी लेने के लिए गेट के पास भेजा गया था। आरोप है कि आरोपी ने जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर से गेट खोलकर उसे बाहर जाने देने की बात कही। प्रहरी द्वारा मना किए जाने पर दोनों के बीच विवाद हो गया। इसी दौरान आरोपी ने कथित रूप से कट्टे से दो गोलियां चला दीं। एक गोली कंधे के पास और दूसरी पीठ में लगी।
घटना के बाद जेल में मौजूद अन्य पुलिस एवं जेल कर्मचारियों ने घायल प्रहरी को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। उपचार करने वाली डॉक्टर महक सहयाद्रि ने बताया कि जेल प्रहरी को गोली लगी है। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे भोपाल एम्स रेफर किया गया है।
वहीं जिला अस्पताल के सर्जन डॉक्टर अभिषेक सागर ने बताया कि गोली फेफड़े के निचले हिस्से तक पहुंच गई है और फेफड़े में धीरे-धीरे पानी भरने की स्थिति बन रही है। इसी को देखते हुए घायल को तत्काल बेहतर उपचार के लिए भोपाल एम्स रेफर किया गया।
जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने रायसेन जिला जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि धारा 302 जैसे गंभीर मामले में निरुद्ध आरोपी नीलेश ठाकुर के पास कट्टा आखिर पहुंचा कैसे? जेल परिसर में हथियार पहुंचने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
मामले को लेकर पुलिस एसडीओपी प्रतिभा शर्मा ने कहा कि जेल में गोली चलने का मामला संज्ञान में आया है। पूरे घटनाक्रम की जांच की जाएगी और यह भी पता लगाया जाएगा कि आरोपी के पास कट्टा कहां से आया।
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